देश में बढ़ रहा महिलाओं से अपराध
महिलाएं हमारे समाज का एक ऐसा विशेष अंग है , जिसका होना उतना ही आवश्यक है जितना की , किसी भी अन्य व्यक्ति का ।
भारत में महिलाओं को ' देवी दुर्गा ' का रूप कहा जाता है ,
महिला एक मा होती है , महिला एक बेटी होती है , महिला एक बहन होती है , और तमाम रिश्ते एक महिला अपने जीवन में निभाती है ।
परन्तु आज के इस दौर में मानो महिलाओं के जीवन का कोई महत्व ना रह गया हो , और अब तो ऐसा प्रेरित होता है जैसे महिलाएं घर से बाहर परन्तु घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं है ।
सरकारी आंकड़ों को देखे तो 70 फीसदी महिलाओं से अपराध के मामले उनके किसी जानकार के द्वारा किया जाता है ।
यह बेहद शर्मनाक व अमानवीय अपराध है , के आज के नए दौर में हमारी बहू , बेटियां सुरक्षित नहीं है ।
यह हमारे समाज की विफलता है के हमारे समाज में कुछ ऐसे लोग है जो महिलाओं का सम्मान नहीं करते व उनके साथ रेप जैसे जगन्य अपराध तक करते है ।
हाल ही में आए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आए 2019 के अकड़ो को देखे तो आज भारतवर्ष में हर 16 मिनट में एक रेप होता है । और दिन भर में 87 सिर्फ रेप से हुए अपराध सामने आते है
और अफसोस तब होता है जब हमारे देश की नियाए वियावस्था एक रेप के अपराधी को मौत की साजा भी नहीं दे पाती , जैसा कि हमने देखा निर्भया के केस में , पीड़िता को नियत मिलने में 7 साल का वक्त लग गया ।
और रोजाना यह देखने को मिलता है , जिन्हें हमने अपनी व अपनी बहू , बेटियों की सुरक्षा के लिए भारत की संसद में भेजा है , वह लोग खुद अक्सर महिलाओं का सम्मान नहीं करते ।
चाहे वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध रखते हो ,
लेकिन महिलाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी अक्सर देखने को मिलती है ।
खुद सरकार चला रहे लोग जब रेप जैसे जघन्य अपराध करते है तब लगता है जैसे किसी चोर को तिजोरी की रखवाली के लिए खड़ा कर दिया हो ।
राजनीति का प्रभाव इतना है कि वह नेता जिसे पीड़िता के साथ खड़ा होकर उसे नीयाए दिलाना चाहिए वह नेता अपराधी के साथ खड़े हो कर पीड़ित महिलाओं पर ही सवाल खड़े कर देते है ।
जैसा कि हाल हि में हमने हाथरस में देखा , की कैसे भारतीय जनता पार्टी के नेता रंजीत बहादुर श्रीवास्तव आरोपियों के समर्थन में उतरे और बोले कि ' कोई आरोपियों को एक दिन कि साजा दे कर दिखाए '
उधर कांग्रेस के नेता कमलनाथ ने एक महिला उम्मीदवार को खुले मंच से ' आइटम ' व ' भूकी नंगी ' जैसे शब्दों से अपमान किया , महिला का नाम इमारती देवी है जो बीजेपी से खड़ी हुई चुनाव के लिए उम्मीदवार है ।
उधर कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने बीजेपी की नेता जया प्रधा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और उन्हें ' नाचने गाने वाली औरत ' व उनके अंदरुनी वस्त्रों के रंग तक को खुले मंच से बड़ी ही बेशर्मी से कहा ।
यह राजनीति का दुष्प्रभाव है कि आज काल नेता अपनी भाषा पर लगाम नहीं लगते और जो चाहे बोल देते है ,
और इस सब के बावजूद ऐसे बेशर्म नेताओ पर कोई कारवाई नहीं होती , जिस से उन लोगो को भी बल मिलता है जो महिलाओं से अपराध करते है ।
हमे ऐसे नेताओ व उनकी राजनीति को समझना होगा ,
और अपनी व अपनी बहू बेटियों की सुरक्षा करनी होगी ।
और हमे अपने समाज को खुद ही सुधारना होगा , अपने बच्चो को
सीखना होगा कि कैसे सबका सम्मान लिया जाता है ,
और सभी को सिक्षित करना होगा ।
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